CBSE बोर्ड परीक्षा 2025: इस साल लागू हुए 6 बड़े बदलाव, छात्रों के लिए जरूरी गाइडलाइन

CBSE ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया और पेपर पैटर्न में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के छात्र इन अपडेट्स को ध्यान से समझ लें, क्योंकि इनका सीधा असर परीक्षा देने और अंकन प्रक्रिया पर पड़ेगा।

1. साइंस और सोशल साइंस पेपर की नई संरचनाइस

साल बोर्ड ने दोनों विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं और सेक्शन आधारित उत्तर लिखने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।

● साइंस पेपर के 3 सेक्शनसेक्शन

A – बायोलॉजीसेक्शन

B – केमिस्ट्रीसेक्शन

C – फिजिक्स

● सोशल साइंस के 4 सेक्शनसेक्शन

A – इतिहाससेक्शन

B – भूगोलसेक्शन

C – राजनीतिक विज्ञानसेक्शन

D – अर्थशास्त्र

महत्वपूर्ण नियम:

छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका भी इन्हीं सेक्शनों में बांटकर लिखनी होगी।

अगर कोई छात्र गलत सेक्शन का उत्तर किसी दूसरे सेक्शन में लिख देता है, तो उस उत्तर की जांच नहीं की जाएगी।

यह गलती री-चेकिंग या री वैल्यूएशन में भी सुधार नहीं होगी।

गलत जगह लिखा उत्तर “Attempt Not Done” माना जाएगा।

CBSE ने दोनों विषयों के सैंपल पेपर भी जारी कर दिए हैं, ताकि छात्र नए फॉर्मेट को समझ सकें।

2. अब साल में दो बोर्ड परीक्षा –

फरवरी (मेन) और मई (इंप्रूवमेंट)● फरवरी – अनिवार्य मेन परीक्षासभी छात्रों को यह परीक्षा देना जरूरी है।प्रैक्टिकल परीक्षा भी सिर्फ फरवरी में ही होगी।● मई – वैकल्पिक इंप्रूवमेंट परीक्षाछात्र अधिकतम 3 विषय दोबारा दे सकेंगे।अंतिम रिजल्ट में सबसे अच्छे अंक शामिल किए जाएंगे।● कब मई में परीक्षा देने की अनुमति होगी?फरवरी में 1 से 3 विषयों में फेल होने पर ही मई में मौका मिलेगा।यदि कोई छात्र 3 से अधिक विषय में फेल हो जाता है, तो वह मई परीक्षा के लिए योग्य नहीं होगा।फरवरी में 3 से अधिक विषयों में अनुपस्थित रहने वालों को भी मई के लिए अनुमति नहीं मिलेगी।

3. 9वीं और 10वीं में 75% उपस्थिति अनिवार्य

CBSE ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिएकक्षा 9कक्षा 10में कम से कम 75% उपस्थिति जरूरी होगी।न्यूनतम उपस्थिति न होने पर छात्र परीक्षा के पात्र नहीं होंगे।

4. 2026 से नया 9-पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम

बोर्ड 2026 से एक नया 9-पॉइंट ग्रेड स्केल लागू करेगा।इसमें छात्रों को अंकों के आधार पर A1 से E तक कुल 9 ग्रेड दिए जाएंगे।यह ग्रेडिंग सिस्टम मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

5. क्लास 11 में प्रोविजनल एडमिशन की सुविधा

छात्र फरवरी की मुख्य परीक्षा के आधार पर प्रोविजनल एडमिशन ले सकेंगे।

इंप्रूवमेंट परीक्षा के बाद अंतिम परिणाम आने पर एडमिशन कन्फर्म किया जाएगा।

6. नया पेपर पैटर्न (10वीं और 12वीं दोनों के लिए लागू)

इस साल से परीक्षा में प्रश्नों का फॉर्मेट काफी बदला गया है।

● प्रश्नों का नया विभाजन

50% – कम्पिटेंसी बेस्ड प्रश्न

(MCQs, केस स्टडी, डेटा-बेस्ड प्रश्न)

20% – ऑब्जेक्टिव प्रश्न

30% – शॉर्ट और लॉन्ग आंसर टाइप प्रश्न

यह फॉर्मेट रटने की बजाय समझ और विश्लेषण पर आधारित है

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