उदयपुर।प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। अब सप्ताह में हर गुरुवार को छात्र-छात्राएं निजी यूनिफॉर्म की बजाय घरेलू या स्थानीय परिधान पहनकर स्कूल आ सकेंगे।
यह आदेश केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी लागू होगा। शिक्षक भी गुरुवार को अपनी पसंद के स्थानीय या पारंपरिक परिधान पहन सकते हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और एक ही यूनिफॉर्म पहनने की बाध्यता से राहत देना है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। यह व्यवस्था प्रदेश के करीब 68 हजार स्कूलों और लगभग 90 लाख से अधिक विद्यार्थियों पर लागू होगी।
विभाग के अनुसार सप्ताह में एक दिन अलग परिधान पहनने से बच्चों को स्वतंत्रता का अनुभव होगा और वे अपनी संस्कृति से जुड़ाव महसूस कर सकेंगे। निजी स्कूलों में जहां सप्ताह में अलग ड्रेस कोड होता है, अब सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में यह व्यवस्था कॉमन डे के रूप में लागू रहेगी।